बीएमओ और सीएमएचओ की तत्परता से बची प्रसूता और नवजात की जान
गंभीर हालत में बक्सवाहा सीएचसी पहुंची आठ माह की गर्भवती महिला, तत्काल रेफर कर सागर में कराई गई सुरक्षित डिलीवरी
बक्सवाहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की तत्परता और सूझबूझ से एक गंभीर गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की जान बचाने का मामला सामने आया है। समय पर लिए गए निर्णय और तत्काल उपचार के चलते महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। वर्तमान में महिला और उसका बच्चा पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि करीब 3:15 बजे ग्राम सिद्धाई, विकासखंड बक्सवाहा निवासी 26 वर्षीय आरती पत्नी राजेश सौर को आठ माह की गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक प्रसव पीड़ा और गंभीर रक्तस्राव की स्थिति में जननी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बक्सवाहा लाया गया।
गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे बीएमओ
ड्यूटी पर तैनात मेडिकल ऑफिसर ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्यम असाटी को सूचना दी। सूचना मिलते ही बीएमओ तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और मेडिकल ऑफिसर के साथ मिलकर महिला को आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया। उपचार के दौरान रक्तस्राव को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
हालांकि, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला के शरीर में रक्त की कमी हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीएमओ ने बिना समय गंवाए महिला को उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज सागर रेफर करने का निर्णय लिया।
रात 3:30 बजे सीएमएचओ ने कराई एम्बुलेंस की व्यवस्था
बीएमओ डॉ. सत्यम असाटी ने तत्काल पूरे मामले की जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. गुप्ता को दी। सीएमएचओ ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए रात करीब 3:30 बजे तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई और महिला को मेडिकल कॉलेज सागर पहुंचाने के निर्देश दिए।
इसके बाद महिला को स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ के साथ तत्काल मेडिकल कॉलेज सागर रेफर किया गया। इस दौरान बीएमओ और सीएमएचओ द्वारा महिला की स्वास्थ्य स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जाती रही।
सागर में 2 यूनिट रक्त की भी कराई व्यवस्था
महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता द्वारा सागर में महिला के लिए 2 यूनिट रक्त की व्यवस्था भी कराई गई। समय पर उपचार, तत्काल रेफरल और रक्त की व्यवस्था के बाद मेडिकल कॉलेज सागर में महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया।
मां और बच्चा दोनों स्वस्थ
मेडिकल कॉलेज सागर में महिला का सुरक्षित प्रसव होने के बाद वर्तमान में महिला और उसका बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन इस मामले में बीएमओ बक्सवाहा डॉ. सत्यम असाटी और सीएमएचओ छतरपुर डॉ. आर.पी. गुप्ता की तत्परता, सूझबूझ और समय पर लिए गए निर्णय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गंभीर स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार, समय पर रेफरल, एम्बुलेंस और रक्त की व्यवस्था से महिला और उसके नवजात बच्चे की जान बचाई जा सकी।
गंभीर हालत में बक्सवाहा सीएचसी पहुंची आठ माह की गर्भवती महिला, तत्काल रेफर कर सागर में कराई गई सुरक्षित डिलीवरी बक्सवाहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की तत्परता और सूझबूझ से एक गंभीर गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की जान बचाने का मामला सामने आया है। समय पर लिए गए निर्णय और तत्काल उपचार के चलते महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। वर्तमान में महिला और उसका बच्चा पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि करीब 3:15 बजे ग्राम सिद्धाई, विकासखंड बक्सवाहा निवासी 26 वर्षीय आरती पत्नी राजेश सौर को आठ माह की गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक प्रसव पीड़ा और गंभीर रक्तस्राव की स्थिति में जननी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बक्सवाहा लाया गया।
गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे बीएमओ
ड्यूटी पर तैनात मेडिकल ऑफिसर ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्यम असाटी को सूचना दी। सूचना मिलते ही बीएमओ तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और मेडिकल ऑफिसर के साथ मिलकर महिला को आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया। उपचार के दौरान रक्तस्राव को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
हालांकि, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला के शरीर में रक्त की कमी हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीएमओ ने बिना समय गंवाए महिला को उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज सागर रेफर करने का निर्णय लिया।
रात 3:30 बजे सीएमएचओ ने कराई एम्बुलेंस की व्यवस्था
बीएमओ डॉ. सत्यम असाटी ने तत्काल पूरे मामले की जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.पी. गुप्ता को दी। सीएमएचओ ने भी मामले की गंभीरता को समझते हुए रात करीब 3:30 बजे तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई और महिला को मेडिकल कॉलेज सागर पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके बाद महिला को स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ के साथ तत्काल मेडिकल कॉलेज सागर रेफर किया गया। इस दौरान बीएमओ और सीएमएचओ द्वारा महिला की स्वास्थ्य स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जाती रही।
सागर में 2 यूनिट रक्त की भी कराई व्यवस्था महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. आर.पी. गुप्ता द्वारा सागर में महिला के लिए 2 यूनिट रक्त की व्यवस्था भी कराई गई। समय पर उपचार, तत्काल रेफरल और रक्त की व्यवस्था के बाद मेडिकल कॉलेज सागर में महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया।
मां और बच्चा दोनों स्वस्थ
मेडिकल कॉलेज सागर में महिला का सुरक्षित प्रसव होने के बाद वर्तमान में महिला और उसका बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अक्सर सवाल उठते रहते हैं, लेकिन इस मामले में बीएमओ बक्सवाहा डॉ. सत्यम असाटी और सीएमएचओ छतरपुर डॉ. आर.पी. गुप्ता की तत्परता, सूझबूझ और समय पर लिए गए निर्णय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गंभीर स्थिति में तत्काल प्राथमिक उपचार, समय पर रेफरल, एम्बुलेंस और रक्त की व्यवस्था से महिला और उसके नवजात बच्चे की जान बचाई जा सकी।



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