मध्यप्रदेश में कृषि
मध्य प्रदेश में कृषि योग्य भूमि
🔴 कृषि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। चमन मालवा का पठार और रीवा पठार कृषि युग भूमि क्षेत्र है।
✔️ नदियों के द्वारा बहाकर लाई गई जरूर मिट्टी से ढकी नर्मदा घाटी उपजाऊ इलाका है।
✔️ मध्य प्रदेश में किसी परंपरागत विधियों से की जाती है या एक मध्य प्रदेश की विशेषता है।
✔️ राज्य की कृषि वर्षा पर ही निर्भर है ।
📌 सिंचाई मुख्यत: नहरों , कुओं , तालाबों पर निर्भर है ।
📌 एमपी में प्रति व्यक्ति औसतन 0.25 हेक्टेयर कृषि भूमि है ।
📌 मध्यप्रदेश के कुल क्षेत्रफल 307.56 लाख हेक्टेयर में से लगभग 151.91 लाख हेक्टेयर भूमि कृषि भूमि है । इसमें वर्तमान में 145 लाख हेक्टेयर में खरीब व 119 लाख हेक्टेयर में रबी की फसल ली जा रही है ।
📌मध्यप्रदेश की लगभग 20.7 प्रतिशत भूमि परती भूमि है तथा 13.57 लाख हेक्टयर भूमि बंजर है ।
⚫ मध्यप्रदेश की 6.9 प्रतिशत भूमि का उपयोग अन्य कार्यों के लिए किया जाता है तथा 4.02 प्रतिशत भूमि का उपयोग चारगाहो के लिए किया जाता है ।
⚫ मध्यप्रदेश में वृक्षीय भागो एवम् झाड़ियों का विस्तार 0.1 प्रतिशत पर है ।
⚫ मध्यप्रदेश में सर्वाधिक शुद्ध कृषिगत भूमि उज्जैन जिले में ( 81.9 प्रतिशत ) तथा न्यूनतम उमरिया ( 23.3) प्रतिशत है ।
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